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Poem on rishtey in hindi

पानी और प्यास के बीच
जो रिश्ता एक अनोखा है
वह रिश्ता तेरा मेरा है
तू मेरी आँखों का पानी है
मैं प्यास तेरे जीवन की हूँ
तूँ हर पल बहता रहता है
मेरी आँखों का मोती बन
मैं हर पल बढ़ती रहती हूँ
तेरे रोम-रोम की इच्छा बन
तेरे और मेरे बीच जो रिश्ता एक अनोखा है
ना अब तक तुझको मैं समझी हूँ
ना ही तूने मुझको समझा है