www.poetrytadka.com

nogaho se es trah naa teer chalaao

निगाहों से इस तरह ना यह तीर चलाओ !
आओं मुस्कराकर मेरे दिल में आ जाओ !
दिल जलाने के लिए महफिल में बहुत हैं !
तुम सामने आकर मेरे दिल में उतर जाओ !!