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naa jane konsi mulakat aakhri hogi

naa jane konsi mulakat aakhri hogi

ज़िन्दगी में ना ज़ाने कौनसी बात "आख़री" होगी !
ना ज़ाने कौनसी रात🌌 "आख़री" होगी !
मिलते, जुलते, बातें करते रहो यार एक दूसरे से !
ना जाने कौनसी "मुलाक़ात" आख़री होगी !!