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musam badal rha hai

मौसम बदल रहा है,फ़िज़ाँ बदल रही है !
बादे-सवा भी अपना कुछ रुख बदल रही है !
पीने दे और साक़ी,अभी रात कुछ है बाकी !
उधर चाँद ढल रहा है इधर शराब ढल रही है !!