www.poetrytadka.com

mgar kuch log ne mera rasta bhi dekha

कभी शहरों से गुज़रेंगे कभी सेहरा भी देखेंगे !
हम इस दुनिया में आएं हैं तो ये मेला भी देखेंगे !
तेरे अश्कों की तेरे शहर में क़ीमत नहीं लेकिन !
तड़प जाएंगे घर वाले जो एक क़तरा भी देखेंगे !
मेरे वापस ना आने पर बहुत से लोग ख़ुश होंगे !
मगर कुछ लोग मेरा उम्र भर रस्ता भी देखेंगे !!