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Kisi ki jholi me

ख्वाइशों से नही गिरते फुल किसी की झोली में
कर्म की शाखा को हिलाना पड़ता है।
क्या होगा अँधेरे को कोसने से
अपने हिस्से का दिया खुद ही जलाना पड़ता है।.....

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