www.poetrytadka.com

Khud ke liae szaa

खुद के लिए इक सज़ा मुकर्रर कर ली मैंने !
तेरी खुशियो की खातिर तुझसे दूरियां चुन ली मैंने !!
Meri Aankhon Me Nami Hai,
Wajah Tu Nahi Teri Kami Hai.

वापसी का सफ़र अब न मुमकिन होगा, 
हम निकल चुके हैं आँख से आँसू की तरह।

Khud ke liae szaa