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jo samajh sake

jo samajh sake

इस अजनबी सी दुनिया में, अकेला इक ख्वाब हूँ !
सवालों से खफ़ा, चोट सा जवाब हूँ !
जो ना समझ सके, उनके लिये "कौन !
जो समझ चुके, उनके लिये किताब हूँ !!