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jab koi chahat nakam hoti hai

जब कोई चाहत नाकाम हो जाती है !
मंजिलों की जैसे फिर शाँम हो जाती है !
हसरतें बिखरती हैं कुछ इसतरह अपनी !
जिन्दगी ही दर्द का एक नाम हो जाती है !!