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Ho Door to bhi

हो दूर तो भी सलाम भेजते हैं
तमन्नाये अपनी दुल की तमाम भेजते हैं
माना की उस सनम से मुलाकात नहीं होती
पर दुआये दिल से हजार भेजते हैं
Ho Door to bhi Hindi poem