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har ek manzar guzar jata hai

हर पल एक मंज़र गुज़र जाता हेै !
जब अपना कोई बेगाना बन जाता है !
यू तो शीशे टूटने की बहोत आवाज़ आती है !
पर कभी आवाज़ के बिना बहोत कुछ टूट जाता हैे !!