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gam ke kisse huae purane

मैं क्या हूँ ,कैसा हूँ ,जमाना सब जाने !
खुली किताब सा जीवन हर कोई पहचाने !
नेकी हो सदा मन में ,हो लबों पर प्रेम तराने !
खुशियाँ बांटू सबको ,गम के किस्से हो पुराने !!