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doulat ho jane se koi bda

दौलत हो जाने से,कोई बड़ा तो नहीं हो जाता !
कुछ ऐब तो छिप जाती है, संस्कार नहीं छिपता !
लोग ढकना तो चाहते,पर ढ़क कहॉं पाता !
दिखी थोड़ी सी छेद कहीं,बस निकल ही जाता !!