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bas ek pyar hi naa mila

जैसे निकलती है हवा सूखे पत्तो से !
वैसे ही आँखो से ख्वाब होकर निकलते गये !
बिना माँगे ही दुख मिला हैं बहुत ए रब्बा !
बस एक प्यार ही ना मिला जो हम माँगते रहे !!