Bachpan good morning shayari

bachpan good morning shayari

वो दिन कितने अच्छे थे, जब दिल हमारे सच्चे थे
वो बचपन कितना सुहाना था,जब हम छोटे बच्चे थे
जब मिट्टी के घर बनाते थे,हम दिनभर पतंग उड़ाते थे
जब मम्मी से आंख बचाकर हम बाहर खेलने जाते थे

जब हम ही चोर हम सिपाही हम ही राजा बनते थे
जब गिल्ली डण्डा खेलने, हम दो टीमों में बंटते थे
जब लाल पीले हरे पंख, हम कापी में दबाकर रखते थे
जब सांप सीढी और चिड़िया उड़,हम खेलते नहीं थकते थे

Good Morning Shayari

जब अण्टी के घर की घण्टी, हम बजा कर भाग जाते थे
जब 26 जनवरी के लड्डू, हम बड़े चाव से खाते थे
जब पेड़ पर चढ कर के,हम उतरने को चिल्लाते थे
जब घरवालों से छुपकर,हम गुलेल खूब चलाते थे

जब कागज की नाव बनाकर,हम पानी में तैराते थे
जब बारिशों में अक्सर,हम झूम झूम नहाते थे
जब सुबह सुबह प्रार्थना को,हम लाईन में लग जाते थे
जब मैम के क्लास में आते ही हम गुड मार्निंग गाते थे

Good Morning Shayari

जब होमवर्क अधूरा होता था हम झूठे बहाने बनाते थे
जब मैडम छुट्टी रखती थी हम सब खुशी मनाते थे
जब दोस्तों के संग मिल हम अमचूर इमली खाते थे
जब एक रूपए की चार टाफी हम दूधमलाई वाली लाते थे

जब नेशनल चिल्ड्रंस बैंक के हम नकली नोट गिनते थे
जब दोस्तों के हाथ से,हम कंचे, चुम्बक छीनते थे
जब नई कापी लाते ही, हम सुगंध उसकी लेते थे
जब दोस्तों को बर्थ डे पर हम शायरी लिख कर देते थे

Good Morning Shayari

जब दादी नानी से जिद कर,हम कहानियां सुनते थे
जब परियों, राजकुमारों के हम सपने अक्सर बुनते थे
जब मेहमानों के आने पर,हम कमरे में छुप जाते थे
जब वापिस उनके जाते ही,हम बची हुई मिठाई खाते थे

बस वही तो दिन थे,जब हम दिल की सुनते थे
बस वही तो दिन थे,जब हम सच्चाई को चुनते थे
लेकिन ये जो समय है,ये तो चलता जाएगा
बचपन जवानी बुढापे में,जीवन को बदलता जाएगा

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