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Ab kiske liae lout ke aana chahe

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उसी की तरह मुझे सारा ज़माना चाहे !
वो मेरा होने से ज़्यादा मुझे पाना चाहे !
मेरी पलकों से फिसल जाता है चेहरा उसका !
ये मुसाफ़िर तो कोई और ठिकाना चाहे !
एक बनफूल था इस शहर में वो भी न रहा !
कोई अब किस के लिए लौट के आना चाहे !!