2 line khwab shayari

2 line khwab shayari

ख्वाबों में आ कर सताते हो क्यूँ मुझको
खुद सोते हो चैन से और मुझे जगाते हो

main apni wafa ka hisaab jo karne baithu
to tum mere hurf ka bhi hiss lauta na sako ge
मैं अपनी वफा का हिसाब जो करने बैठो
तो तुम मेरे हर्फ का भी हिसस लौटा न सकोगे

mangte hai mujh se log teri mohabbat saboot
meri mahendi ka laal rang teri chahat ki nishani hai
मांगते है मुझ से लोग तेरी मोहब्बत सबूत
मेरी महेंदी का लाल रंग तेरी चाहत की निशानी

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