Bharosa Shayari


barosha shayari namumkin hai

namumkin hai

ये ना-मुमकिन है, कोई मिल जाए तुम जैसा,

पर इतना आसान ये भी नहीं ,तुम ढूँढ लो हम जैसा.

bharosa shayari bade nadaan hai

Bade Nadaan Hai

बड़े नादान हैं वो लोग जो इस दौर

में भी वफ़ा की उम्मीद करते हैं

यहाँ तो दुआ क़बूल ना होने पर लोग

भगवान बदल दिया करते हैं

barosha shayari ek tera shahar ek mera gaon

ek tera shahar ek mera gaon

एक तेरा शहर सिर्फ पानी के लिए ख़ून बहा देता है

एक मेरा गाँव है, पानी ना मिले तो प्यास बाँट लेता है

bharosa shayari mohabbat kya hai

mohabbat kya hai

मोहब्बत क्या है चलो दो लफ्ज़ो में बताते है,

तेरा मजबूर कर देना मेरा मजबूर हो जाना।

loading...
bharosa shayari bewafai ka teer lekar

bewafai ka teer lekar

फिर से आ जाओ बेवफाई का तीर लेकर,

मोहब्बत के जंग में मैं निहत्थे उतरा हूँ।

bharosa shayari zakhm dete hain

Zakhm dete hain

कुछ रूठे हुए लम्हें कुछ टूटे हुए रिश्ते..

हर कदम पर काँच बनकर जख्म देते हैं

Gahra bharosa

प्यार गहरा हो या ना हो पर भरोसा गहरा होना चाहिये...

 

Sachchi mohabbat

सच्ची मोहब्बत भी हम करते है,

वफ़ा भी हम करते है,

भरोसा भी हम करते है,

और आखिर में तन्हा जीने

की सजा भी हमे ही मिलती है,

 

Naseeb se zeyada

नसीब से ज्यादा भरोसा "पगली"तुम पर किया,

..फिर भी...

नसीब इतना नहीं बदला जितना तुम बदल गयी...

 

Bahot khamooshi

बहुत ख़ामोशी से टूट गया...

वो एक भरोसा जो उस पे था.!!!!

 

loading...