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Zindagi Shayari

zindagi nahi rukti

zindagi nahi rukti

ज़िंदगी नहीं रुकती किसी के बगैर..

बस उस शख्स की जगह हमेशा खाली रह जाती है

kahin jaal naa jaae

डरते है आग से कही जल न जाये

डरते है ख्वाब से कहीं टूट न जाये

लेकिन सबसे ज़्यादा डरते है आपसे

कहीं आप हमें भूल न जाये। 

unke saath jine ka

unke saath jine ka

उनके साथ जीने का एक मौका दे दे ऐ खुदा 

तेरे साथ तो हम मरने के बाद भी रह लेंगे 

mera bhi naam ho jaye

mera bhi naam ho jaye

ये सोच कर अपनी हर हँसी बाट दी मेने

कि किसी ख़ुशी पर मेरा भी नाम हो जाए:

मुख़्तसर सा सफर है मेरा कोन जाने कब

मेरे इस सफर की आखरी शाम हो जाए

 

kaaboo me nahi

kaaboo me nahi

हाथ की लकीरे भी कितनी अजीब है 

कमबख्त मुट्ठी में तो है पर काबू में नहीं