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Zindagi Shayari

kyu itrata hai

वही करता और वही करवाता है ,

क्यू  बंदे  तू  इतराता  है ।

इक साँस भी नही है तेरे बस की ,

वही  सुलाता  और  जगाता  है

डूबा हुआ हूँ ना निकल पाऊँगा मैं कभी,

ख़ूबसूरत मुस्कुराहट और आँखों से तेरी.

diwar zindagi se

एक और ईंट गिर गई दीवार ए जिंदगी से 

नादान कह रहे हैं नया साल मुबारक हो

zindagi shayari

zindagi shayari

ज़िन्दगी बीत जाती है अपनों को अपना बनाने में 

Fir mat kahna

रखा करो नजदीकियॉ.....
जिन्दगी का कुछ भरोसा नही....

फिर मत कहना....
चले भी गऐ और बताया भी नही....!

zindagi ki nayi shuruaat shayari

फूलों की शुरुआत कली से होती है;

जिंदगी की शुरुआत प्यार से होती है;

प्यार की शुरुआत अपनों से होती है;

और अपनों की शुरुआत आप से होती है!