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chupe chupe se rahte ho

chupe chupe se rahte ho
छुपे छुपे से रहते हैं,
सरेआम नहीं हुआ करते,
कुछ रिश्ते बस एहसास होते हैं,
उनके नाम नहीं हुआ करते

waqt waqt ki mohabbat

वक़्त वक़्त की मोहब्बत है, वक़्त वक़्त की रूसवाईयाँ
कभी पंखे सगे हो जाते हैं, तो कभी कभी रजाईयाँ

dhoka de raha hai

कभी-कभी हमें पता होता है
कि सामने वाला हमें "धोखा" दे रहा है
फिर भी "हम" कुछ नही कहते,
क्योंकि हम जानते हैं कि हम उनके "धोखे" के साथ तो जी सकते हैं, लेकिन उनके "बगैर" नहीं

tash ke patto se

ताश के पत्तों से महल नहीं बनता,
नदी को रोकने से समंदर नहीं बनता,
बढ़ाते रहो जिंदगी में हर पल,
क्यूंकि एक जीत से कोई सिकंदर नहीं बनता

hoslo ki udan

मंजिले उन्ही को मिलती है
जिनके सपनो में जान होती है
पंखो से कुछ नहीं होता
होसलो से उडान होती है