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itni udasi kyu

इतनी उदासी क्यों जब नसा- ए- शाम आपके पास है
इतनी मुस्कराहट क्यों जब दिल्लगी की बात है
जो दूर जाता है उसकी भी कोई मजबूरी होगी
केवल आपकी ही नही उसकी भी मोहब्बत अधूरी होगी
itni udasi kyu

raftar pe na itra

ए ज़िंदगी तू अपनी रफ़्तार पे ना इतरा,
अगर मैने रोक ली साँसें तो,
तू भी चल नही पाएगी raftar pe na itra

azab tmasha hai

अजब तमाशे है दुनिया में यारों
कोड़ीयों में इज्जत
और करोड़ों में कपड़े बिकते हैं azab tmasha hai

dil se rishta tod diya

कल रात मैने अपने दिल से भी रिश्ता तोड़ दिया,
पागल तेरे को भूल जाने की सलाह दे रहा था dil se rishta tod diya

humko khamoosh rahne do

हमको खामोश ही रेहने दो यही बेहतर है
लब जो हिलेँगे तो उतर जायेंगे चेहरे कितने humko khamoosh rahne do