Hindi Shayari Collection

Tuesday 10th of December 2019

Hindi Shayari is a mixture of true feelings and soul of hindi language.The archive of poetry tadka provides the evergreen Hindi Shayari collection for the hindi shayari readers. Some of the finest gems of Hindi Shayari are Rahat Indori, Nida Fazli, Firaq Gorakhpuri, Mir Taqi Mir, Mirza Ghalib, Habib Jalib, Bahadur Shah Zafar, John Elia, Syed Wasi Shah to name a few. You can even search, post, read, and share the Hindi Shayari based on various genres that includes friendship shayari, sad Shayari, patriotic Shayari, love Shayari, rain Shayari, mother Shayari, dard bhari Shayari etc. People with great taste in Shayari are glued to this page. Find some of the finest and latest collection of Hindi Shayari on poetry tadka.



What is Hindi Shayari?

Hindi Shayari is a rich tradition of poetry and it has several forms. Many of the poetic forms and structures are of Urdu origin.

Our Indian people like to read Hindi Shayari, its rich in tradition and consist of number different forms.



tu mere dil pe hath rakh

तू मेरे दिल पे हाथ रख के तो देख,

मैं तेरे हाथ पे दिल ना रख दूँ तो कहना.

jeena sikha diya

होता है कभी कभी अफसोस तेरे बदल जाने का भी

मगर तेरी कुछ बातों ने मुझे जीना सिखा दिया

zindagi ka naam

साँसों के सिलसिले को ना दो ज़िन्दगी का नाम

जीने के बावज़ूद भी मर जाते हैं कुछ लोग

 

ye dastoor kaisa hai

दिल को तड़पाते हो ये दसतुर कैसा है 

बिमारे मोहब्बत का कहना ऐसा है 

कौन कहता है तुम चाँद जैसी हो 

मैं तो कहता हूँ चाँद तुम जैसा है

sfar mohabbat ka chalta rahe

सफ़र मोहब्बत का चलता रहे; 

सूरज हर शाम ढलता रहे;

कभी न ढलेगी अपनी दोस्ती की सुबह; 

चाहे हर रिश्ता रंग बदलता रहे!

jab man karta hai

जब मन करता है रात मे मीठा खाने का,

हम चुपके से उठकर तेरी तस्वीर चूम लेते है

hindi shayari collectin waqt to kitna bhi sta

waqt to kitna bhi sta

वक्त तू कितना भी सता ले हमें लेकिन याद रख,

किसी मोड़ पे तुझे भी बदलने पे मजबूर कर देंगे

teri mohabbat ki hifazat

teri mohabbat ki hifazat

तेरे मोहब्बत की हिफाजत इस तरह की हमने 

जब किसीने मोहब्बत से देखा, नजरे झुका ली हमने.

wada karke nibhana bhool jate ho

वादा करके वो निभाना भूल जाते हैं,

लगा कर आग फिर वो बुझाना भूल जाते हैं,

ऐसी आदत हो गयी है अब तो उस हरजाई की,

रुलाते तो हैं मगर मनाना भूल जाते हैं

aabad rhe

कुछ किस्से दिल में कुछ कागजों पर आबाद रहे,

बताओ कैसे भूलें उसे जो हर साँस में याद रहे