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Shero Shayari

Kya jarurat hai swarne ki

kya jarurat hai swarne ki

हुस्न वालों को क्या जरूरत है संवरने की !
वो तो सादगी में भी क़यामत की अदा रखते हैं !!

Mohabbat se inayat se wafa se

मोहब्बत से, इनायत से, वफ़ा से चोट लगती है !
बिखरता फूल हूँ, मुझको हवा से चोट लगती है !
मेरी आँखों में आँसू की तरह इक रात आ जाओ !
तकल्लुफ़ से, बनावट से, अदा से चोट लगती है !!

Dil hona chahiae zigar hona

दिल होना चाहिए जिगर होना चाहिए !
आशिकी के लिए हुनर होना चाहिए !
नजर से नजर मिलने पर इश्क नहीं होता !
नजर के उस पार भी एक असर होना चाहिए !!

Ulfatme aksar aesa hota hai

उल्फत में अक्सर ऐसा होता है !
आँखे हंसती हैं और दिल रोता है !
मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी !
हमसफर उनका कोई और होता है !!

Saki ko sikhaaenge

ग़ज़लों का हुनर साकी को सिखायेंगे !
रोएंगे मगर आँसू नहीं आयेंगे !
कह देना समंदर से हम ओस के मोती हैं !
दरिया की तरह तुझसे मिलने नहीं आयेंगे !!