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Shero Shayari

Kisi ke kaam nahi aati

सोचता हूँ बंद करूँ लिखना शायरी ये किसी के काम नहीं आती !
उसकी याद तो दिलाती है पर उस की झलक नहीं दिखाती !!

Glatfahmi ki gunjais nahi

गलतफहमी की गुंजाईश नहीं सच्ची मोहब्बत में !
जहाँ किरदार हल्का हो, कहानी डूब ही जाती है !!

Kisine aaj pucha khase late ho

किसी ने आज पूछा,कहा से ढूढ लाते हो एसी शायरी !
में मुस्कुरा के बोला उसके खयालो में डूबकी लगा कर !!

Khali ho chuka

खाली हो चला दिल अहसासों से !
न दिल कुछ कहता है न कलम कुछ लिखती है !!

Mujhe mazboor karti hai

मुझे मजबूर करती हैं यादें तेरी वरना !
शायरी करना अब मुझे अच्छा नहीं लगता !!