Hindi Shero shayari

nsha hum kiya karte hai

नशा हम किया करते है !

इलज़ाम शराब को दिया करते है !

कसूर शराब का नहीं उनका है !

जिनका चहेरा हम जाम मै तलाश किया करते है !!

mai apni subah saam

मैं अपनी सुबह शाम यूँ ही गुजार लेता हूँ !

जो भी ज़ख्म मिलते हैं कागज़ पे उतार लेता हूँ !!

shero shayari door rahne se mohabbat

door rahne se mohabbat

दुर रहने से मोहब्बत बढती है !

यह कह कर वो शख्स मेरा शहर छोङ गया !!

mai nahi likhta

औरों की तरह 'मैं नहीं लिखता 'डायरियाँ !

बस 'याद आती है तेरी'और 'बन जाती है'शायरिया !!

pina hmara kaam aagya

बहके कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे जा कर !

आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया !!

hme bhool nahi paaoge

मेरे लफ़्ज़ों को इतनी शिद्दत से न पढ़ा करो !

कुछ याद रह गया तो...हमें भूल नहीं पाओगे !!

zindagi me gam naa mile

ये कैसे मुनकिन है कि जिंदगी में गम न मिले

कोई हमें न मिला किसी को हम न मिले 

क्या चाल चली है मेरे मुक्दर ने मुझसे 

प्यार तेरा मिला मगर तुम न मिले

puch kar dekh apne dilse

पुछ कर देख अपने दिल से की हमे भुलना चहाता है क्या !
अगर उसने हा कहा तो कसम से महोब्बत करना छोङ देगे !!

uska didar nahi krati

सोचता हूँ बंद करूँ लिखना शायरी ये किसी के काम नहीं आती !
उसकी याद तो दिलाती है पर उस का दीदार नहीं कराती !!

kisi ke kaam nahi aati

सोचता हूँ बंद करूँ लिखना शायरी ये किसी के काम नहीं आती !
उसकी याद तो दिलाती है पर उस की झलक नहीं दिखाती !!