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shayari sangrah

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shayari sangrah ro ro ke manga

shayari sangrah ro ro ke manga

उस शख्स को मै कैसे रुला सकता हूँ जिसे मैंने रो रो कर माँगा है 

khoob rote hai auro ko hsane wale

khoob rote hai auro ko hsane wale

पर्दा गिरते ही ख़त्म हो जाते है तमाशे सारे 

खूब रोते है फिर औरो को ह्शाने वाले 

jaroori nahi

jaroori nahi

जरूरी नहीं की हर रिश्ता बेवफाई से ही ख़त्म हो 

कुछ रिश्ते किसी की ख़ुशी के लिए भी ख़त्म करने पड़ते है

dil mera chura ke

dil mera chura ke

दिल मेरा चुरा कर वो बड़ी अदा से बोली 

वापिस लेने आए तो जान भी लेलुंगी 

pyar pane ke liye

pyar pane ke liye

सिर्फ बेहद चाहने से क्या होता है नसीब भी साथ होना चाहिए किसी का प्यार पाने के लिए