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shayari sangrah

dil lagta nahi ab tumhare bina

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,

खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,

जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,

वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना

dil ki hasrat

दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी;

तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी;

ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी;

हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी।

ishq hai wahi

इश्क है वही जो हो एक तरफा;

इजहार है इश्क तो ख्वाईश बन जाती है;

है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ;

जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है

pyar karke koi jtaae ye jaroori nahi

प्यार कर के कोई जताए ये ज़रूरी तो नहीं,

याद कर के कोई बताये ये ज़रूरी तो नहीं,

रोने वाले तो दिल में ही रो लेते हैं,

किसी की आँख में आसूं आये ये ज़रूरी तो नहीं

aane se pahle jane ke baad

aane se pahle jane ke baad

वक़्त तो दो ही कठिन गुजरे है सारी उम्र में, 

इक तेरे आने के पहले इक तेरे जाने के बाद।