shayari sangrah

dil lagta nahi ab tumhare bina

दिल लगता नहीं है अब तुम्हारे बिना,

खामोश से रहने लगे है तुम्हारे बिना,

जल्दी लौट के आओ अब यही चाह है,

वरना जी ना पाएँगे तुम्हारे बिना

dil ki hasrat

दिल की हसरत मेरी ज़ुबान पे आने लगी;

तुमने देखा और ये ज़िन्दगी मुस्कुराने लगी;

ये इश्क़ के इन्तहा थी या दीवानगी मेरी;

हर सूरत में मुझे सूरत तेरी नज़र आने लगी।

ishq hai wahi

इश्क है वही जो हो एक तरफा;

इजहार है इश्क तो ख्वाईश बन जाती है;

है अगर इश्क तो आँखों में दिखाओ;

जुबां खोलने से ये नुमाइश बन जाती है

pyar karke koi jtaae ye jaroori nahi

प्यार कर के कोई जताए ये ज़रूरी तो नहीं,

याद कर के कोई बताये ये ज़रूरी तो नहीं,

रोने वाले तो दिल में ही रो लेते हैं,

किसी की आँख में आसूं आये ये ज़रूरी तो नहीं

shayaru sngrah aane se pahle jane ke baad

aane se pahle jane ke baad

वक़्त तो दो ही कठिन गुजरे है सारी उम्र में, 

इक तेरे आने के पहले इक तेरे जाने के बाद।

pyar wo hai jisme chacchai ho

प्यार वो है जिसमे सच्चाई हो;

साथी की हर बात का एहसास हो;

उसकी हर अदा पर नाज़ हो;

दूर रह कर भी पास होने का एहसास हो।

tujhe bhool kar bhi naa bhool

तुझे भूलकर भी न भूल पायेगें हम!

बस यही एक वादा निभा पायेगें हम!

मिटा देंगे खुद को भी जहाँ से लेकिन!

तेरा नाम दिल से न मिटा पायेगें हम! 

 

shayari sungrah fb tune bhi hadh kar di

tune bhi hadh kar di

तकदीर बनाने वाले, तूने भी हद कर दी;

तकदीर में किसी और का नाम लिखा था;

और दिल में चाहत किसी और की भर दी!

jab tak tujhe na dekhu

जब तक तुम्हें न देखूं!

दिल को करार नहीं आता!

अगर किसी गैर के साथ देखूं!

तो फिर सहा नहीं जाता! 

shayari sangrah bhut zalim ho

bhut zalim ho

बहुत ज़ालिम हो तुम भी मुहब्बत ऐसे करते हो

जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो