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Motivational Shayari

Bharish ki bood

bharish ki bood

बारिश की बूँदों में झलकती है तस्वीर उनकी‬‎ !

और हम उनसे मिलनें की चाहत में भीग जाते हैं !!

Bheed me khada

bheed me khada

भीड़ में खड़ा होना मकसद नही है मेरा, बल्कि

भीड़ जिसके लिए खड़ी है वो बनना है मुझे !!

Kal hi

kal hi

कल ही तो तौबा की मैंने शराब से.. कम्बख्त मौसम आज फिर बेईमान हो गया !!