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💖 Mohabbat shayari

Apna pan Hindi Shayari

Apna pan Hindi Shayari

कितनी छोटी सी है ये जन्नत मेरी

एक मैं हूँ और एक महोब्बत मेरी

Mohabbat ki chamak

Mohabbat ki chamak

उसकी आँखों में मोहब्बत की चमक आज भी है

हालांकि उसे मेरी मोहब्बत पर शक आज भी है

नाव में बैठ कर धोये थे,हाथ उसने कभी

पूरे तालाब में मेहंदी की महक आज भी है

छू तो नहीं पाया उसे प्यार से कभी

पर मेरे होठों पर उसके होठों की झलक आज भी है

हर बार पूछते हैं,हमारी चाहत का सबब

वैसी ही इश्क की ये परख आज भी है

नहीं रह पते वो भी हमारे बिना

दोनों तरफ इश्क की दहक आज भी है

Khud se shikwa

Khud se shikwa

हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की !

और कोई ख्वाहिश नहीं इस दीवाने की !

शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है !

क्या ज़रूरत थी,तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!

Mohabbat ko had se gujar jane do

मोहब्बत को हद से गुजर तो जाने दो,

वो रोयेंगे जरूर हमे बिखर तो जाने दो,

अभी ज़िंदा हैं तो एहसास नहीं उनको,

रो कर पुकारेंगे हमे एक दफा मर तो जाने दो।

Mohabbat ki gawahi apne

Mohabbat ki gawahi apne

hone ki khabar le jaa…

Jidhar wo shaks rehta hai

Mujhe aye dil! udhar le jaa