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Mohabbat Shayari

Mohabbat karne me

mohabbat karne me

मोहब्बत करने में चंद लम्हे लगते है !

चोट खा कर भूलने में पूरी जिन्दगी लग जाती है !!

Kaash kahi se mil jate

kaash kahi se mil jate

काश कही से मिल जाते वो अल्फ़ाज़ हमे भी जो 

तुझे बता सकते की हम शायर कम तेरे आशिक ज्यादा है !!

Mohabbat ki Manzil

mohabbat ki Manzil

मोहब्बत की मंजिल आसान नहीं है !

इससे ऊंचा कोई आसमान नहीं है !

भटकते हैं वह जो बेवफाई करते हैं !

दिल में जिनके प्यार का अरमान नहीं है !!

Saath jine ki

saath jine ki

एक चाहत थी तेरे साथ जीने की !

वरना मोहब्बत तो किसी से भी हो सकती थी !!

Rooh se hui Mohaabat

Rooh se hui Mohaabat

जिस्म से होने वाली मोहब्बत आसान होती है

और रूह से हुई मोहब्बत को समझने में जिंदगी

गुजर जाती है