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Mohabbat Shayari

Kuch log

kuch log
उतर जाते है दिल मे कुछ लोग इस कदर
उनको निकालो तो जान निकल जाती है

utar jaate hai dil me kuchh log es kadar
unako nikaalo to jaan nikal jaati hai

Mohabbat badhti gayi

mohabbat badhti gayi

बहुत रोका लेकिन रोक ही नहीं पाया, 

मुहब्बत बढ़ती ही गयी मेरे गुनाहों की तरह

Mai mohabbat karta hoon

mai mohabbat karta hoon

ना हीरो की तमन्ना है और ना परियो पे मरता हूँ 

वो एक भोली सी लड़की है जिससे मे मोहब्बत करता हूँ

Mohabbat karne walo ki

mohabbat karne walo ki

मोहब्बत करने वालों की कमी नहीं है दुनिया में,

अकाल तो निभाने वालों का पडा है साहब!!!

 

Banti hai mohabbat

दुःख में ख़ुशी की वजह बनती है मोहब्बत

दर्द में यादों की वजह बनती है मोहब्बत

जब कुछ भी अच्छा ना लगे हमें दुनिया में

तब हमारे जीने की वजह बनती है मोहब्बत