Poetry Tadka

Hindi Shayari

Kyun Karte Ho

क्यों करते हो मुझसे इतनी खामूश मोहब्बत 

लोग समझते है इस बद्नशीब का कोई नही है 

Kis Kis Ka Naam Loo

किस किस का नाम ले अपनी बर्बादी में 

बहुत लोग आए थे दुआएँ देने शादी में 

Yki Rakhye Khud Pe

यकीं करिए ख़ुद से, आशिक़ी कभी धोखा नहीँ देगी....

ये ख़ुद की शख़्सियत ही, मरने तक आपका साथ देगी

Na Hum Kisi Ke

ना साथ है किसी का न सहारा है कोई 

ना हम किसी के ना हमारा है कोई 

Jaroorte Bhi Jaroori Hai

जरूरते भी जरूरी है जेने के लिए लेकिन 

तुझसे जरूरी तो  ज़िन्दगी भी नहीं 

Dard Had Se Guzre

इशरत-ए-क़तरा है दरिया में फ़ना हो जाना, 

दर्द अगर हद से गुज़रे तो दवा हो जाना।

Pas Aakar Door Chale Jate Ho

पास आकर दूर चले जाते है 

अकेले थे अकेले ही रह जाते है 

इस दिल का दर्द दिखाऊ किसको 

मलहम लगाने वाले ही ज़ख्म दे जाते है 

Dil Ko Jlati Hai Shayari

क्या कहे बिन तेरे ये ज़िन्दगी है कैसी 

दिल को जलाती है ये बेबसी है कैसी 

ना कह पते है ना सह पाते है 

ना जाने तकदीर में लिखी ये आशकी है कैसी 

Badal Gaye Ho Tum

लोग अक्सर मुझसे कहते है की बदल गाए हो तुम 

मै मुश्कुरा कर कहता हूँ टूटे हुए फूल

का रंग अक्सर बदल जाते है 

Log Puchte Hai Kya Karte Ho

लोग पूछते हैं मैं क्या करता हूँ

उन्हें क्या बताऊँ..

मोहब्बत की थी अब रोज़ मरता हूँ

"क्या लिखूँ अपनी जिंदगी के बारे में

वो लोग ही बिछड़ गए

जो जिंदगी हुआ करते थे