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Mujhe gale se lgalo bhut udas hoon mai

mujhe gale se lgalo bhut udas hoon mai

१: मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मै 

गम-ऐ -जहाँ से से छुपा लो बहुत उदास हूँ मै

नज़र में तीर से चुभते अब नज़रो से 

मै थक गई सभी टूटते शहारो से 

अब और बोझ ना डालो बहुत उदास हूँ मै 

२: बहुत सही गम -ऐ -दुनिया ,मगर मगर उदास न हो 

करीब है शब-ऐ -गम की सहर उदास न हो 

सितम के हाथ की तलवारटूट जाए गी

ये ऊँच नीच की दीवार टूट जाए गी 

तुझे कसम है मेरी हमसफ़र उदास ना हो 

३: ना जाने कब ये तरीका ये तौर बदले गा 

सितम का गम का मुसीबत का दौर बदले गा 

मुझे  जहाँ  से उठा लो बहुत उदास हूँ मैं !!

Kavita Kosh कविता कोश

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Tum ko dekha to khayal aaya

तुमको देखा तो ये ख़याल आया

ज़िन्दगी धूप, तुम घना साया

आज फ़िर दिल ने इक तमन्ना की,

आज फ़िर दिल को हमने समझाया

तुम चले जाओगे,तो सोचेंगे

हमने क्या खोया, हमने क्या पाया

हम जिसे गुनगुना नहीं सकते

वक़्त ने ऐसा गीत क्यू गाया

तुमको देखा तो ये ख़याल आया!!

Kavita Kosh कविता कोश

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Hans ke bol diya karo

कुछ हँस के बोल दिया करो,

कुछ हँस के टाल दिया करो,

यूँ तो बहुत  परेशानियां है 

तुमको भी मुझको भी,

मगर कुछ फैंसले 

वक्त पे डाल दिया करो,

न जाने कल कोई 

हंसाने वाला मिले न मिले..

इसलिये आज ही 

हसरत निकाल लिया करो !!

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Kavita 2022.

Hosh me aana bhool gae

देख के तुमको होश में आना भूल गये !

याद रहे तुम, ओर जमाना भूल गये !

जब सामने तुम आ जाते हो !

क्या जानिये क्या हो जाता है !

कुछ मिल जाता है,कुछ खो जाता है!

क्या जानिये क्या हो जाता है !!

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Zindagi ka har khwab pura nahi hota

जिंदगी का हर ख्वाब पूरा नहीं होता !

होता अगर तो शख्स अधूरा नहीं होता !

ख्वाहिशों की प्यास कभी बुझ नहीं पाती !

कभी रेतों में समंदर का बसेरा नहीं होता !

आंखों में जल रही है जबसे तेरी शमा !

मेरे रूह की गलियों में अंधेरा नहीं होता !

अश्कों से भीगो देता है हर रात जमीं को !

आसमा रोता ही रहता जो सबेरा नहीं होता !! 

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