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Intezaar Shayari

kisi ka intezaar

kisi ka intezaar

किसी के इन्तेजार की तलब जरूरी है.

वर्ना वक्त गुजरता जरूर है कटता नही

tumhara intezar hai

तुम पुकार लो, तुम्हारा इन्तज़ार है

ख़्वाब चुन रही है रात, बेक़रार है

तुम्हारा इन्तज़ार है

होंठ पे लिये हुए दिल की बात हम

जागते रहेंगे और कितनी रात हम

मुख़्तसर सी बात है, तुमसे प्यार है

तुम्हारा इन्तज़ार है...

 

jab ho jaae meri mohabbat

jab ho jaae meri mohabbat

जब हो जाये मेरी मोहब्बत पे एतबार

तो लौट आना हम आज भी तेरे इन्तजार में हैं

sal pe saal aate gaae

sal pe saal aate gaae

साल पे साल आते गए ,कलेंडर बदलते गए

पर इस दिल को देखो ,

पागल है आज भी तुम्हारा इन्तजार करता है

tere wadon pe aitbar kiya

tere wadon pe aitbar kiya

तेरे वादों पे ऐतबार किया 

उम्र भर तेरा इन्तजार किया

अपनें दिल के उदास आंगन में

तेरी यादों को यादगार किया