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Intezaar Shayari

Yeh kaisi mohabbat

yeh kaisi mohabbat

ये कैसी मोहब्बत है की मै किस खुमार में हूँ

वो आके जा चुकी है मै अब भी इंतजार मे हूँ 

Acche waqt ki intzaar hum nahi

acche waqt ki intzaar hum nahi

अच्छे वक़्त का इंतजार हम नही करते 

हम तो बुरे वक़्त को भी अच्छे मे बदलने की औक़ात रखते है.

Kitne anmol hote hai

kitne anmol hote hai

कितने अनमोल होते है अपनों के रिश्तें,

कोई याद ना करे तो भी इंतज़ार रहेता है

Intezar karne walo

intezar karne walo

इंतजार करने वालो को उतना ही मिलता है,

जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है.

Tere intezar ka aalam

तेरे इंतज़ार का ये आलम है,

तड़प्ता है दिल आखें भी नम है,

तेरी आरज़ू में जी रहे है, 

वरना जीने की ख्वाहिश कम है.