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Hindi Poetry

Unke khayal me rona

unke khayal me rona

उनकी आँखों में इस कदर का नूर है 

उनके ख्यालो में रोना भी मन्जूर है 

बेवफा भी नहीं कह सकते उन्हें क्यों की 

प्यार तो हमने किया था वो तो बेकसूर है 

Kitabe ishq

kitabe ishq

किताब ऐ इश्क पढ़ रहा था मेरा भी उसमे नाम आया 

मैंने अपने पन्ने का नाम खोला किस्मत देखो वही पन्ना फटा आया 

Khud pe naaz karna

khud pe naaz karna

ईश्क अगर अधुरा रह जाऍ तो खुद पर नाज करना

कहते है सच्ची मोहब्बत पुरी नही होती

Jeene ke khawab

jeene ke khawab

सज़ा ये दी है कि आँखों से छीन लीं नींदें,

क़ुसूर ये था कि जीने के ख़्वाब देखे थे

Har aawaj teri hai

har aawaj teri hai

मेरी हर खुशी हर बात तेरी है,

साँसो में छुपी ये हयात तेरी है,

दो पल भी नहीं रह सकते तेरे बिना,

धड़कनो की धड़कती हर आवाज तेरी है.