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Hindi Poetry

Raat subah ka intezaar nahi

रात सुबह का इन्तजार नहीं करती 

खुसबू मौसम का इन्तजार नहीं करती 

जो ख़ुशी मिले उसका आनन्द लिया करो 

क्युकी ज़िन्दगी वक़्त का इन्तजार नहीं करती 

Jha jaake koi wapas nahi aata

jha jaake koi wapas nahi aata

जहाँ जाके कोई वापस नहीं आता 

ना जाने क्यों वहा जाने का दिल चाहता है 

Ehsaas badal jate hai

ehsaas badal jate hai

अहसास बदल जाते है बस और कुछ नहीं वरना 

मोहब्बत और नफरत एक ही दिल से होती है

Tum kaho to bikhar jaaenge

tum kaho to bikhar jaaenge

जो तुम बोलो तो बिखर जाएंगे 

जो तुम बोलो तो सवर जाएंगे 

मगर ये टूटना जुड़ना हमे तकलीफ देता है 

Ek ajeeb sa manzar

एक अजीब सा मंज़र नजर आता है 

हर एक आँख में समुंदर नज़र आता है 

कहा रखू शीशे सा दिल अपना 

हर किसी के हाथ में पत्थर नज़र आता है