www.poetrytadka.com

Hindi Poems



Ho Door to bhi

हो दूर तो भी सलाम भेजते हैं
तमन्नाये अपनी दुल की तमाम भेजते हैं
माना की उस सनम से मुलाकात नहीं होती
पर दुआये दिल से हजार भेजते हैं
Ho Door to bhi Hindi poem

mujhe uski ye masoom ada

मुझे उसकी ये मासुम अदा बहुत भाती है !
नाराज मुझ से होती है और गुस्सा सबको दिखाती है !!

tere izhaar me

तेरे इंतजार में तो अब नींद भी गुमशुदा सी हो गयी है !
अगर सपनो में मुलाकात हो सके तो एक लम्हा सो जाऊं !!

seene me dilke sath dhadakta rhega ye

साँसों की आँच पाके भड़कता रहेगा ये !
सीने में दिल के साथ धड़कता रहेगा ये !
वो नक्श क्या हुआ जो मिटाऐ से मिट गया !
वो दर्द क्या हुआ जो दबाऐ से दब गया !!

kuch sitaro ki chamak nahi aati

कुछ सितारों की चमक नही जाती !
कुछ यादों की खनक नहीं जाती !
कुछ लोगो से होता है ऐसा रिश्ता !
की दूर रह कर भु उनकी महक नहीं जाती !! kuch sitaro ki chamak nahi aati

hum to haste hai dusro ko hsane

हम तो हंसते है दुसरो को हंसाने की खातीर !
वरना दिल पर जख्म इतने है कि रोया भी नहीं जाता !!

mai wo kitab hoon

मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं !
मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है !! mai wo kitab hoon