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Friendship Shayari in Hindi

kya khoob

kya khoob

क्या खूब मजबूरिया थी मेरी भी

अपनी खुशी को छोड़ दिया

उसे खुश देखने के लिए

rab ka wasta

नही छोड़ी कमी किसी भी

रिश्ते को निभाने में मैंने कभी...

आने वाले को दिल का रास्ता भी दिया

और जाने वाले को रब का वास्ता भी दिया

tere jaisa ho

tere jaisa ho

एक चाहने वाला ऐसा हो...

जो बिल्कुल तेरे जैसा हो.

naraz mujh se hoti

naraz mujh se hoti

मुझे उसकी ये नादान अदा खूब भाती हैं,

नाराज़ मुझसे होती हैं और गुस्सा सबको दिखाती हैं

kuch sapne hai

kuch sapne hai

इन पलकों में कैद कुछ सपने है 

कुछ बेगाने है कुछ अपने है 

ना जाने कैसी कशिश है इन ख्यालो में 

कुछ लोग दूर होकर भी कितने अपने है