Emotional shayari

sabr ka imtihan kya doo mai

इस से बढ कर अपने सब्र का इम्तीहान क्या देता मै !
मेरा प्यार मेरे ही कांधे पर सर रख कर रो रहा था किसी और के लिये !!

patthar to bhut mare

पत्थर तो बहुत मारे थे लोगों ने मुझे लेकिन !
जो दिल पर आ के लगा वो किसी अपने ने मारा था !!

baat mere tanhai ki

अंगड़ाई पर अंगड़ाई लेती है रात जुदाई की !
तुम क्या समझो तुम क्या जानो बात मेरी तन्हाई की !!

wade nibha nibha ke thak

ये मुकरने का अंदाज़ मुझे भी सीखा दो !
वादे नीभा नीभा के थक गया हूँ मैं !!

jibharke bikhar jane do

कोशिश भी मत करना.मुझे संभालने की अब तुम !
बेहिसाब टूटा है दिल.जी भर के बिखर जाने दो मुझे !!

aurat ko har roop me dhalte huae dekha

औरत को हर रूप में ढलते हुए मैंने देखा है !
कभी माँ तो कभी बहन बनते हुऐ देखा है !
नहीं समजता तो समज ले क्या है उसका मरतबा !
उसके कदमो के नीचे जन्नत को मिलते देखा है !
ना कर पायेगा तू उस दर्द का भी क़र्ज़ अदा कभी !
जो दर्द तुजे जन्म देते हुए उस माँ ने सहा है !!

tino bewfa hai

किसी को इतना भी न चाहो कि भुला न सको !
क्योंकि ज़िंदगी, इन्सान और मोहब्बत तीनों बेवफा हैं !!

meri taqdeer shayari

Meri taqdeer shayari

मेरी तकदीर भी उस तस्वीर के जैसी है !
जिसे लोग धुंदली होने पर घर से बहार फैंक देते हैं !!

itna aasan nahi

इतना आसान नहीं है शहर मोह्हबत का !
यहां खुद भी भटकते हैं रास्ता बताने वाले !!

sabko chor jaaenge

एक दिन हम भी कफ़न ओढ़ जाएँगे !
हर एक रिश्ता इस ज़मीन से तोड़े जाएँगे !
जितना जी चाहे सतालो यारो !
एक दिन रुलाते हुए सबको छोड़ जाएँगा !!