www.poetrytadka.com



Dil shayari

Hindi poem on Dil

ये दिल ..............
.उड़ चला उड़ चला 
लगाके पंख सपनों के 
कभी पहाड़ों पे तो कभी सागर पे
कभी इस शहर तो कभी उस शहर 
ना कोई पास पोर्ट 
ना ही कोई वीजा
बेख़ौफ़ आजाद परिंदे सा 
ये तो बस उड़ चला 
दूर दूर दूर और बहुत दूर 
लेके संग अपनों के रंग 
लगाके पंख सपनों के 
देखो ये तो उड़ चला 
उड़ चला उड़ चला 
ये दिल

Dil ye mera

Dil ye mera Tumse Pyar karna chahta hai,

Apni Mohabbat ka izhaar karna chahta hai,

Dekha hai jab se Tumhe aey mere Sanam,

Sirf tumhara hi Dedaar karne ko dil chahta hai.

 

Dil ab pahle jaisa

दिल अब पहले जेसा मासुम नही रहा.....
पथर तो नही बना मगर अब मोम भी नही रहा ..

Dil Ko kagaz samjh

 

दिल को कागज समझ रखा है क्या, 
आते हो, जलाते हो, 
चले जाते हो....

 

mere baas me nahi

उसके सिवा किसी और को चाहना मेरे बस में नहीं है !

ये दिल उसका है अपना होता तो बात और होती !!