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Dil shayari

Ulfat ka dastoor

 

उल्फत का अक्सर यही दस्तूर होता है!
जिसे चाहो वही अपने से दूर होता है!
दिल टूटकर बिखरता है इस कदर!
जैसे कोई कांच का खिलौना चूर-चूर होता है!

Dil ki baat

अपने दिल की बात उनसे कह नहीं सकते

बिन कहे भी जी नहीं सकते,ऐ खुदा 

ऐसी तकदीर बना,कि वो खुद हम से आकर कहे

कि,हम आपके बिना जी नही सकते !!

Hum kisi ko apne dil

 

हम किसी को अपने दिल से दूर नही करते ..
बस जिनका दिल भर जाता है वो खुद हमसे दूर हो जाते है..

Kahte hain ki dil

कहते हैं दिल से ज्यादा महफूज जगह नहीं

दूनिया में और कोई फिर भी ना जाने क्यों

सबसे ज्यादा यहीं से लोग लापता होते हैं !!

Kambakht dil

दिल मजबूर कर रहा है उनसे बात करने को

और कमबख्त जिद भी करता है कि शुरुआत भी वो करे !!