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Dil shayari

hum fir se

hum fir se

कभी उदास बैठे हो तो बता देना....

हम फिर से अपना दिल देंगे खेलने के लिए

tujhse naraz nahi

उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं,

तेरे दिल में हूँ पर तेरे पास नहीं,

झूठ कहूँ तो सब कुछ है मेरे पास,

और सच कहूँ तो तेरे सिवा कुछ नहीं

 

dil ki kitab me

दिल की किताब में गुलाब उनका था

रात की नींद में ख्वाब उनका था

कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा

मर जायंगे तुम्हारे बिना ये जबाब उनका था.

dil ke dawa nahi

सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं

दूर वो मुझसे हैं पर मैं खफा नहीं

मालूम है अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे

वो थोड़ा सा जिद्दी है, मगर बेवफा नहीं

 

mere dil se khelte ho

mere dil se khelte ho

मेरे दिल से खेल तो रहे हो तुम पर जरा सम्भल के,
ये थोडा टूटा हुआ है कहीं तुम्हे ही लग ना जाए