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शायरी or Shayari

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mhe kha maloom tha

हमे कहां मालुम था इश्क होता क्या है

बस एक तुम मिलें और जिन्दगी मुहब्बत बन गई

mannat na mangti

mannat na mangti

मन्न्त ना माँगी होती मैंने मंज़िल पाने की

अगर पता होता साथ तेरा सफर तक ही है

rukta nahi koi

मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई..

लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा.

mai sath rahungi

जब जब तुम होगे तनहा, मैं साथ रहूँगी... 

न रहूँ जहाँ मे फिर भी बन के अहसास रहूँगी

dekhi hai berukhi

देखी है बेरुखी की... आज हम ने इन्तेहाँ, 

हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए