शायरी or Shayari

dil tadapta hai

dil tadapta hai

उनके दीदार के लिए दिल तड़पता है 

उनके इंतजार में दिल तरसता है 

क्या कहें इस कम्बख्त दिल को 

अपना हो कर किसी और के लिए धड़कता है

sula chuki hai ye duniya

sula chuki hai ye duniya

सुला चुकी थी ये दुनिया

थपक-थपक के मुझे 

जगा दिया तेरी पाजेब ने 

छनक के मुझे

कोई बताये की मै इसका 

क्या इलाज करून , 

परेशां करता है ये दिल , 

धड़क-धड़क के मुझे 

zindagi mohabbat ban gayi

zindagi mohabbat ban gayi

हमे कहां मालुम था इश्क होता क्या है 

बस एक तुम मिलें और जिन्दगी मुहब्बत बन गई

puri duniya

पूरी दुनिया, नफरतों में जल रही है 

फिर भी ना जाने कैसे ठंड लग रही है

chat pe kisi bhane se aaya kar

खुद को इतना भी मत बचाया कर,

बारिशें हो तो *भीग जाया कर 

चाँद लाकर कोई नहीं देगा,

अपने चेहरे से *जगमगाया कर 

दर्द आँखों से *मत बहाया कर

काम ले कुछ हसीन होंठो से,

बातों-बातों में *मुस्कुराया कर

धूप मायूस लौट जाती है,

छत पे *किसी बहाने आया कर

कौन कहता है दिल मिलाने को,

कम-से-कम *हाथ तो मिलाया कर

mhe kha maloom tha

हमे कहां मालुम था इश्क होता क्या है

बस एक तुम मिलें और जिन्दगी मुहब्बत बन गई

mannat na mangti

mannat na mangti

मन्न्त ना माँगी होती मैंने मंज़िल पाने की

अगर पता होता साथ तेरा सफर तक ही है

rukta nahi koi

मेरे दिल में ज्यादा देर तक रुकता नहीं कोई..

लोग कहते हैं मेरे दिल में साया है तेरा.

mai sath rahungi

जब जब तुम होगे तनहा, मैं साथ रहूँगी... 

न रहूँ जहाँ मे फिर भी बन के अहसास रहूँगी

dekhi hai berukhi

देखी है बेरुखी की... आज हम ने इन्तेहाँ, 

हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से उठ गए