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hmare dil me hai

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है

देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है

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sare jahan se acha

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्ताँ हमारा

हम बुलबुलें हैं इस की ये गुलसिताँ हमारा

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watan ki ulfat

दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त

मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी

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Chale Aao

चले आओ मेरे परिंदों लौट कर अपने आसमान में,

देश की मिटटी से खेलो, दूर-दराज़ में क्या रक्खा है

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mere chat pe ek tiranga rehne do

खूब बहती है, अमन की गंगा बहने दो…

मत फैलाओ देश में दंगा रहने दो…

लाल हरे रंग में ना बाटो हमको…

मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो

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tirange se khubsurat koi

ज़माने भर में मिलते हे आशिक कई ,

मगर वतन से खूबसूरत कोई सनम नहीं होता ,

नोटों में भी लिपट कर, सोने में सिमटकर मरे हे कई ,

मगर तिरंगे से खूबसूरत कोई कफ़न नहीं होता

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tiranga kfan chahiye

मुझे ना तन चाहिए, ना धन चाहिए

बस अमन से भरा यह वतन चाहिए

जब तक जिन्दा रहूं, इस मातृ-भूमि के लिए

और जब मरुँ तो तिरंगा कफ़न चाहिये

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khushnaseeb hai wo log

खुशनसीब होते हैं वो लोग

जो इस देश पर कुर्बान होते हैं

जान देके भी वो लोग अमर हो जाते हैं

करते हैं सलाम उन देश प्रेमियों को

जिनके कारन इस तिरंगे का मान होता है

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aao jhuk kar kare salam

आओ झुक कर करें सलाम उन्हें

जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है

कितने खुशनसीब हैं वो लोग

जिनका खून वतन के काम आता हैं

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sahido ki kurbani

आजादी की कभी शाम नहीं होने देंगे

शहीदों की कुर्बानी बदनाम नहीं होने देंगे

बची हो जो एक बूंद भी लहू की

तब तक भारत माता का आँचल नीलाम नहीं होने देंगे

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