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Bewafa Shayari

aaz meri mohabbat

सिखा मुझसे ही मेरी मोहब्बत ने मोहब्बत करने का हुन्नर !
आज मेरी मोहब्बत गैरों से मोहब्बत रचा बैठी !!

hme to kabse pta tha

हमें तो कबसे पता था की तू बेवफ़ा है !
तुझे चाहा इसलिए कि शायद तेरी फितरत बदल जाये !!

zindagi jeene ke bhane badal gae

लफ्ज़ वही हैं, माईने बदल गये हैं !
किरदार वही, अफ़साने बदल गये हैं !
उलझी ज़िन्दगी को सुलझाते सुलझाते !
ज़िन्दगी जीने के बहाने बदल गये हैं !!

agar tum yaad rakho to inayat hogi

तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी !
वरना हमको कहां तुम से शिकायत होगी !
ये तो बेवफ़ा लोगों की दुनिया है !
तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी !!

kisi ko itna naa chaho ki bhuna naa sko

किसी को इतना भी न चाहो कि भुला न सको क्योंकि !
‪ज़िंदगी_इन्सान_और_मोहब्बत_तीनों_बेवफा‬ हैं !!