www.poetrytadka.com

Best Shayari

Barso ki chahat ko

कैसे भुलायेगा वो मेरी बरसो की चाहत को !
दरीया अगर सुख भी जाये तो रेत से नमीं नहीं जाती !!

Hum wo khudgarz hai

वो तो युं ही तुम से मोहब्बत सी हो गयी होंगी !
वर्ना हम वो खुदगर्ज है, के खुद की भी तमन्ना नहीं करते !!

Khud se hi mai rooth jata hoon

अक्सर बैठे -बैठे खुद से ही मैं रूठ जाता हूँ !
एक तेरे ना होने के ख्याल से मैं टूट जाता हूँ !!

Dil todna aajtak nhi aaya mujhe

दिल तोड़ना आज तक नहीँ आया मुझे !
प्यार करना जो अपनी माँ से सीखा है !!

Ziddi prinda

इंसान ख्वाइशों से बंधा हुआ एक जिद्दी परिंदा है !
उम्मीदों से ही घायल है.उम्मीदों पर ही जिंदा है !!
सबसे बेस्ट शायरी Click Here